साहित्यकार एवम् पत्रकार धर्मेन्द्रकेँ ‘जगन्मुक्ति’ मैथिली यात्रा लोकार्पण


दलान । बागलुङमे आयोजित ‘बागलुङ मिडिया मेला, २०८२’क अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार आ लेखक धर्मेन्द्र झा (धर्मेन्द्र विह्वल) द्वारा लिखित मैथिली यात्रा संस्मरण ‘जगन्मुक्ति’क औपचारिक लोकार्पण कएल गेल अइछ ।

गण्डकी प्रदेशक मुख्यमन्त्री सुरेन्द्रराज पाण्डे द्वारा कएल गेल एहि लोकार्पण समारोहमे पत्रकार, साहित्यकार आ विभिन्न क्षेत्रक प्रतिनिधिसभक उल्लेखनीय उपस्थिति छल । ‘जगन्मुक्ति’ पुस्तकमे लेखक मुक्तिनाथ सँ लए क’ भारतक प्रसिद्ध तीर्थस्थल जगन्नाथ धामधइर कएल यात्राक अनुभवकेँ जीवंत शैलीमे प्रस्तुत केने छइथ। ई यात्रा मात्र धार्मिक नहि, बल्कि सांस्कृतिक आ प्राकृतिक विविधताक संगम सेहो देखबैत अइछ । लेखक अपन संस्मरणमे हिन्दू आ बौद्ध धर्मावलम्बीसभक साझा आस्थाक केन्द्र मुक्तिनाथक महत्त्वकेँ विशेष रूप सँ उजागर केने छइथ।

लेखकक अनुसार, मुक्तिनाथ पर मैथिली भाषामे प्रकाशित ई पहिल कृति छी। हुनकर विश्वास अछि जे ई पुस्तक मैथिली भाषी समुदायकेँ मुक्तिनाथक धार्मिक, ऐतिहासिक आ सांस्कृतिक पक्ष बुझए मे मदद करत। ओ कहलैन जे आब मिथिला क्षेत्र सँ श्रद्धालुसभक मुक्तिनाथ दर्शन लेल संख्या लगातार बइढ़ रहल अछि, जकर सम्बन्ध शालग्राम पूजाक परम्परा सँ गहिर रूपे जुड़ल अइछ ।

१०२ पृष्ठक एहि पुस्तकमे यात्रा दौरान देखल गेल विभिन्न स्थल, परम्परा आ अनुभवकेँ चित्र सहित प्रस्तुत कएल गेल अइछ, जाहि सँ पाठककेँ प्रत्यक्ष यात्राक अनुभूति होइत अइछ । लेखकक अन्य कृतिसभ सेहो पाठकसभमे लोकप्रिय रहल अछि, आ ‘जगन्मुक्ति’ सँ मैथिली साहित्यमे एकटा नव आयाम जुड़ल मानल जा रहल अइछ ।

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